Delhi :गैंगस्टर बॉक्सर का अब तक का सबसे बड़ा खुलासा- हत्या कर मनाया जाता था जितेंद्र गोगी का जन्मदिन

Delhi : disclosure of gangster boxer – Jitendra Gogi's birthday was celebrated by killing

दिल्ली एयरपोर्ट पर गैंगस्टर बॉक्सर…
– फोटो : एएनआई

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रोहिणी कोर्ट में गैंगस्टर जितेंद्र मान गोगी की हत्या के बाद गोगी गिरोह की कमान संभाल रहे और मेक्सिको से गिरफ्तार गैंगस्टर दीपक पहल उर्फ बॉक्सर ने अब तक का सबसे बड़ा और दिल दहला देने वाला खुलासा किया है। उसने बताया कि वे जितेंद्र गोगी के जन्मदिन को बहुत ही खास अंदाज में मनाते थे। 

गिरोह के सदस्य जन्मदिन वाले दिन पहले  हत्या करते थे और फिर गोगी का जन्मदिन मनाते। वर्ष 2023 में गोगी का जन्मदिन वाले दिन पांच लोगों की हत्या कर जन्मदिन मनाना तय हुआ था। इसके बाद बॉक्सर विदेशी धरती से बोलता हैप्पी बर्थडे…गोगी भाई। बॉक्सर के खुलासे से पुलिस अधिकारियों के कान खड़े हो गए हैं। गैंगस्टर का ये खुलासा पुलिस रिकार्ड में दर्ज किया गया है।

दिल्ली के बाहरी इलाके में स्थित अलीपुर गांव में जितेंद्र मान उर्फ गोगी का जन्म दो अगस्त, 1983 को हुआ था। उसकी रोहिणी कोर्ट में 21 सितंबर, 2021 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। गोगी गिरोह की सुनील मान उर्फ टिल्लू ताजपुरिया गिरोह से गैंगवार चल रही है। पिछले पांच वर्ष में इस गैंगवार में 12 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है।

स्पेशल सेल की गिरफ्त में चल रहे बॉक्सर ने पूछताछ में खुलासा किया है कि जितेंद्र गोगी के जन्मदिन वाले दिन वे विरोधी गिरोह टिल्लू ताजपुरिया या फिर उगाही नहीं देने वालों को निशाना बनाते थे। 2022 में ये गोगी के जन्मदिन वाले दिन टिल्लू गिरोह केे सदस्य की हत्या करने गए थे। मगर वह तीन दिन तक घर से बाहर नहीं निकला। इसी बीच इनको टिल्लू का समर्थन करने वाला व्यक्ति मिल गया तो इन्होंने उसकी पल्ला रोड से बख्तापुर जाने वाले रोड पर हत्या कर जन्मदिन मनाया। 

इस वर्ष पांच हत्या कर जन्मदिन मनाने का था प्लान 

बॉक्सर ने बताया कि इस वर्ष यानि आने वाली दो अगस्त को पांच लोगों की हत्या कर गोगी का जन्मदिन मनाना तय हुआ था। इन पांच लोगों में टिल्लू गिरोह के सदस्य और उगाही देने वाले शामिल थे। पांच हत्याएं करने के बाद मेक्सिको में बॉक्सर को सूचना देनी थी। गोगी गिरोह में बढि़या काम करने वाले सदस्य को प्रमोशन दिया जाता था। प्रमोशन होने पर उस सदस्य को बढि़या व महंगा हथियार दिया जाता था। हालांकि वारदात के बाद उससे वह हथियार ले लिया जाता था। 

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